*चार माह बीतने के बाद भी मिर्जामुराद पुलिस के पकड़ से कोषों दूर लाखो के चोरी का आरोपी सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यशैली*
*उपेंद्र उपाध्याय*
*वाराणसी/-मिर्जामुराद क्षेत्र के खालिसपुर गांव में हुई लाखों की चोरी को चार महीने बीत चुके हैं,लेकिन पुलिस अभी तक चोरों का कोई पता नहीं लगा सकी है। इस घटना ने मिर्जामुराद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।पीड़ित परिवार आज भी न्याय की उम्मीद में थाने के चक्कर काट रहा है,मगर जांच कागजों में ही सिमट कर रह गई है।घटना 5 जून की रात की है जब खालिसपुर निवासी कल्लू राम यादव के घर में अज्ञात चोर छत के रास्ते घुस गए थे।चोरों ने कमरे का ताला तोड़कर उसमें रखे बक्से और अटैची को उठा लिया था।उसमें रखे लगभग दस हजार रुपये नकद और लाखों के जेवरात,जिनमें सोने के तीन मंगलसूत्र,एक मांगटीका,एक नथिया,एक चांदी की पैजनी और एक मीना शामिल था,चोरी कर लिए गए थे।अगली सुबह घर से एक किलोमीटर दूर हरिरामपुर गांव के तालाब के पास टूटा हुआ बक्सा,अटैची और कपड़ों से भरा बैग मिला था।सूचना पर पहुंची मिर्जामुराद पुलिस ने फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया,मगर जांच का परिणाम आज तक शून्य है।कल्लू राम यादव का कहना है कि चार महीने बीत जाने के बाद भी न तो चोर पकड़े गए और न ही चोरी का सामान मिला।पुलिस सिर्फ “जांच चल रही है” कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद पुलिस ने शुरुआती कुछ दिनों तक तो सक्रियता दिखाई,लेकिन धीरे-धीरे मामला ठंडे बस्ते में चला गया।अब न जांच की रफ्तार दिखती है और न ही किसी खुलासे की उम्मीद बची है।लोगों का कहना है कि जब फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से भी पुलिस कोई सुराग नहीं जुटा सकी,तो आमजन को पुलिस की कार्य क्षमता पर भरोसा कैसे होगा।*
