उपेंद्र उपाध्याय

वाराणसी/-किसी भी सपने को प्राप्त करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करके कार्य को करना बहुत ही जरूरी होता है जिससे कम समय मे बेहतर उपलब्धि हासिल होती है।उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत मॉडल संकुल स्तरीय संघ का विजनिंग मॉड्यूल-3 (MCLF V-3) विषय पर चल रहे चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही।उन्होंने कहा कि यदि हमें अपने निर्धारित सपने को प्राप्त करना है तो सीएलएफ के पदाधिकारियों और सभी कार्यकारिणी सदस्यों (ईसी) को मिलकर आम सहमति के साथ लगातार प्रयास करना होगा।प्रशिक्षण कार्यक्रम के इन चार दिवसों में डीआरपी सुरेश पाण्डेय व नीलू श्रीवास्तव द्वारा प्रशिक्षुओं को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनके सीएलएफ द्वारा निर्धारित दृष्टि वाक्य नई दिशा प्रेरणा महिला संकुल समिति का है सपना,शिक्षित दीदी,संमृद्ध परिवार,विकसित गांव हो अपना को प्राप्त करने के लिए विभिन्न मंचों एसएचजी ग्राम संगठन और सीएलएफ की भूमिका के बारे में जानकारी देते हुए उनकी कार्ययोजना को तैयार कराया गया,जिसके अंतर्गत निर्धारित पांच वर्षों के लक्ष्य को पूरा करने के लिए संगठन स्तर पर क्या कार्य करना है और किसकी क्या जिम्मेदारी होगी यह तय किया गया और साथ ही साथ किन किन विभागों से समन्वय स्थापित करके उनसे सहयोग प्राप्त करना है इसका मानचित्र तैयार कराकर समझाया गया।समापन अवसर पर सत्र प्रभारी संजय कुमार द्वारा सभी प्रशिक्षुओं एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।इस अवसर पर सुरेश तिवारी,नीरज कुमार,चन्दा देवी सीएलएफ प्रबंधक,पुष्पा,गीता,आशा,पूनम,ममता,सुभावती,अंजू,संगीता,सीमा,पूनम मौर्या,अनिता राय,सोनाक्षी,महिमा,सविता,रूबी,गौरी,सभ्या,सलमा,हसीना,ज्योति कुमारी,माधुरी व अंजना राव आदि सहित विकास खंड काशी विद्यापीठ के नई दिशा सीएलएफ से 31 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।
