उपेंद्र उपाध्याय



वाराणसी/-मिर्जामुराद क्षेत्र स्थित ममता हेल्थ केयर जच्चा-बच्चा केन्द्र, साधु की कुटिया, कल्लीपुर एक बार फिर विवादों में आ गया है। आरोप है कि बिना पंजीकरण और बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) की मौजूदगी के यहां मरीजों का इलाज और ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम बिरमानपुर (ओदर), थाना राजातालाब निवासी चन्द्रावती देवी पत्नी शिवलखन पटेल के साथ घोर लापरवाही का मामला सामने आया है प्राप्त जानकारी के अनुसार, चन्द्रावती देवी को पेट दर्द की शिकायत होने पर वह इलाज के लिए उक्त केंद्र पर गई थीं। वहां मौजूद डॉ. रवि कुमार वर्मा ने उन्हें दत्ता डायग्नोस्टिक सेंटर से अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। रिपोर्ट में गर्भाशय (यूट्रस) में गाँठ पाई गई। इसके बाद डॉ. वर्मा ने बिना किसी विशेषज्ञ की सलाह के 19 अक्टूबर 2023 को ऑपरेशन कर दिया बताया जा रहा है कि ऑपरेशन असफल रहा और दी गई दवाइयों से मरीज को दवा का रिएक्शन हो गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजनों ने किसी तरह जान बचाई। बाद में जब 11 फरवरी 2024 को मरीज ने दोबारा उसी डॉक्टर को दिखाया, तो डॉक्टर ने साफ कहा कि “ऑपरेशन असफल हो गया है, अब किसी दूसरे डॉक्टर से इलाज कराइए मरीज के परिजनों के अनुसार, इस इलाज में अब तक करीब 50 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं और इलाज अब भी जारी है स्थानीय सूत्रों का कहना है कि ममता हेल्थ केयर जच्चा-बच्चा केन्द्र बिना किसी वैध पंजीकरण के चल रहा है। आराजी लाइन के अधीक्षक डॉ. नवीन सिंह के मुताबिक, अस्पताल का रजिस्ट्रेशन केवल यूनानी और आयुर्वेद में है, फिर भी वहां मरीजों को भर्ती किया जा रहा है, ऑपरेशन किए जा रहे हैं और अवैध पर्चियों पर दवाइयां लिखी जा रही हैं प्रार्थिनी ने इसकी लिखित शिकायत मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) वाराणसी से भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। वहीं, विभागीय चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं स्थानीय लोगों ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले की गंभीर जांच कर फर्जी डॉक्टर और अस्पताल संचालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करे, ताकि आम जनता के जीवन से खिलवाड़ करने वालों पर लगाम लगाई जा सके इस प्रकरण में अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, अराजीलाइन, वाराणसी ने दिनांक 20.09.2025, समय 01:15 बजे निरीक्षण किया। मौके पर डॉ. दुर्गेश कुमार उपस्थित थे। निरीक्षण में पाया गया कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, वाराणसी में वैध रूप से किया गया है, जिसकी पंजीकरण संख्या 994/1691 है और वैधता 06.08.2026 तक है निरीक्षण के समय अस्पताल में कोई भी मरीज भर्ती नहीं था। डॉ. दुर्गेश कुमार को सख्त निर्देश दिए गए कि अब अपने चिकित्सालय में कोई मरीज भर्ती न किया जाए।अधिकारियों ने इस जानकारी से आवेदक को भी अवगत करा दिया है।
