उपेंद्र उपाध्याय

वाराणसी/-स्वयं सहायता समूहों में सही लेखांकन की प्रक्रिया जरूरी होती है क्योंकि इसी पर समूहों की सफलता निर्भर होती है।उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से चयनित लेखपाल (बुक कीपर) का स्वयं सहायता समूह की अवधारणा एवं प्रबंधन विषयक तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही।उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के अभिलेखों का रख रखाव करने में प्रशिक्षित बुक कीपर दीदियों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होगी।प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीन दिवसों में डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन निर्मल व अतुल कुमार पाण्डेय द्वारा प्रतिभागियों को स्वयं सहायता समूह की अवधारणा तथा उसके प्रबंधन के बारे में और लेखांकन क्या होता है एवं लेखांकन की प्रक्रिया तथा समूहों में तैयार की जाने वाली पुस्तको में मुख्य रूप से कार्यवाही पुस्तिका,बचत पुस्तिका ऋण पुस्तिका व मासिक प्रतिवेदन आदि के बारे में जानकारी दी गई।प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद वाराणसी के विकास सेवापुरी से चयनित 68 बुक कीपर दीदियों ने प्रतिभाग किया।इस अवसर पर सत्र प्रभारी संजय कुमार द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।समापन अवसर पर सुरेश तिवारी,नीरज कुमार,अजीत कुमार,संगीता,वर्षा,सोनाक्षी,सीता,मिनिका,नगीना,रेखा,प्रेमा,प्रेमशिला,जरीना,राधा,प्रमिला,बिन्दु,बबिता,सीमा,सुमन आरती आदि की उपस्थिति रही।प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्त में सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट व ग्रुप फोटो देकर जिला प्रशिक्षण अधिकारी द्वारा सत्र का समापन किया गया।
