उपेंद्र उपाध्याय



वाराणसी/-अवैध प्लाटरो द्वारा नियमो को ताक पर रख बिजली कर्मियों को मिलाकर बगैर स्टीमेट जमा किये बनवाई जा रही फर्जी दर्जनो पोल की एलटी लाइट एमडी व चीफ वाराणसी को ध्यान देने की जरूरत बिजली विभाग के जिम्मेदार आला अधिकारियों व कर्मचारियों के मिली भगत से राजस्व का लगाया जा रहा चुना भरा जा रहा अपना जेब,बिजली विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में।प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पूर्वांचल विधुत वितरण खण्ड द्वितीय क्षेत्र अंतर्गत नुआंव ग्राम पंचायत में बगैर स्टीमेट जमा किये 250 केवीए ट्रांसफार्मर से दस पोल की फर्जी लाइट व मुड़ादेव मुंडेश्वर महादेव के समीप 10 केवीए ट्रांसफार्मर से छह पोल की फर्जी लाइट विभागीय कर्मचारियों के मिली भगत से बनाये जाने का मामला प्रकाश में आया है।ग्रामीणों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार उपरोक्त दोनों मौजा में बने एलटी लाइन की आपूर्ति विधुत उपकेंद्र बेटावर से होती है इससे यह साफ जाहिर होता है कि समस्त कार्य क्षेत्रीय अवर अभियंता,उप खण्ड अधिकारी,अधिशाषी अभियंता सहित क्षेत्रीय सरकारी लाइन मैन व संविदा लाइनमैन की जानकारी में हुई है,रोहनिया में अवैध प्लाटरो द्वारा किसानों के भूमि को कम पैसों में क्रय सहित एग्रीमेंट कराकर प्लाटिंग कर नए कालोनियों को बनाते हुए बाहर के लोगो को बेचने का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है इतना ही नही बिजली विभाग के लोगो को मिलाकर बगैर स्टीमेट जमा कराए ही कही दस तो कही छह सहित आठ-आठ पोल की लाइट नियमो को ताक पर रख चंद पैसों की लालच देकर करा लिया जा रहा है जिससे विभाग के राजस्व की क्षति हो रही है।उपरोक्त खबर के माध्यम से एमडी व चीफ वाराणसी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए प्रकरण की जाँच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की माँग की गई है।
